3 + स्टोरी स्क्रिप्ट्स हिंदी | Story Script in Hindi

इस पोस्ट में हम आपको Story Script in Hindi देने जा रहे हैं और आप इसका प्रयोग कर सकते किसी भी वीडियों और यूट्यूब चॅनेल के लिए कर सकते हैं।

 

 

 

Story Script in Hindi

 

 

 

 

 

 

 

एक गांव में एक किसान रहता था। उसका रुपेश नाम का एक लड़का था। रुपेश बहुत सुंदर था। कुछ समय के बाद रुपेश की सेहत खराब रहने लगी। किसान ने अपने लड़के का बहुत इलाज कराया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। किसान के लड़के की आंत में एक जहरीला फोड़ा हो गया था।

 

 

 

 

इसलिए कोई दवा काम नहीं कर रही थी। किसान ने अपने लड़के की दवा में अपनी सारी सम्पत्ति गिरवी रख दिया था। अपने पिता की कमजोर आर्थिक स्थिति देखकर रुपेश एक दिन घर छोड़कर एक मंदिर में चला गया और वही रहने लगा। रुपेश अब अपनी जिंदगी से निराश हो चुका था।

 

 

 

 

लेकिन भगवान जिसकी मदद करते है उसे कोई कठिनाई नहीं होती। एक नगर में साहूकार अपनी दो पुत्रियों के साथ रहता था। साहूकार की बड़ी पुत्री का नाम राधिका और छोटी पुत्री का नाम कंचन था। साहूकार बड़ी पुत्री को ज्यादा स्नेह करता था और बड़ी पुत्री चापलूसी वाली बातें करते थी।

 

 

 

 

एक दिन साहूकार अपनी दोनों पुत्रियों को बुलाकर पूछा – बेटी! तुम लोग किसकी किस्मत से खाती हो? बड़ी पुत्री बोली – पिताजी आपकी किस्मत से हमे भोजन मिलता है जबकि छोटी पुत्री बोली – पिताजी! हम अपनी किस्मत से खाना खाते है। छोटी पुत्री की बात से साहूकार नाराज हो गया।

 

 

 

 

समय के अंतराल में साहूकार की दोनों पुत्रियां व्याह करने योग्य हो गयी। साहूकार ने राधिका का व्याह एक अच्छे घर में कर दिया। एक दिन साहूकार मंदिर में गया तो उसने रुपेश को देखा। साहूकार के मन में कंचन की बात याद आ गयी। फिर क्या था साहूकार ने रुपेश के साथ कंचन का व्याह कर दिया और बोला – अब तुम अपनी किस्मत से भोजन करना।

 

 

 

 

कंचन बोली – आपकी आज्ञा शिरोधार्य है पिताजी! कंचन तन मन से रुपेश की सेवा करने लगी। मंदिर के पीछे एक नाग नागिन का जोड़ा रहता था।

 

 

 

नागिन बहुत दयालु स्वभाव की थी। रात्रि के समय नागिन नाग से कह रही थी प्रिय! मुझे इस किसान के लड़के और उसकी पत्नी पर तरस आ रहा है क्योंकि इस किसान के लड़के के पेट में जहरीला फोड़ा है जो कुछ दिन बाद फूट जायेगा जिससे यह लड़का मर जायेगा।

 

 

 

 

फिर युवावस्था में स कन्या को विधवा होना पड़ेगा। नाग बोला – मैं क्या करू? नागिन बोली – आप कोई उपाय बताओ। नाग बोला – तुम औरतो में यही कमी होती है किसी के प्रति भी दया दिखाती हो। जानती नहीं हो कि मनुष्य हमारे सबसे बड़े दुश्मन है। नागिन बोली – आपका कहना ठीक है परन्तु इस लड़की का जीवन बर्बाद हो जायेगा।

 

 

 

 

नागिन की जिद के आगे नाग हार गया। वह बोला अगर शुद्ध सरसो का तेल गर्म करके अजवाइन के साथ इस लड़के को पिला दिया जाय तब दो दिन में यह लड़का ठीक हो जायेगा परन्तु एक काम करना पड़ेगा। नागिन बोली वह क्या काम है हम लोगो के पास सोने की मोहर से भरा घड़ा है जिसकी मैं और तुम रखवाली करते है।

 

 

 

 

मैं अब इस नागयोनि से मुक्ति चाहता हूँ। परसो पूर्णिमा है। इस बिल के पास यदि कोई हवन करते हुए एक नारियल फोड़ दे तो हम दोनों की मुक्ति हो जाएगी। यह धन भी हवन करने वाले को मिल जायेगा और वह लड़का भी ठीक हो जायेगा। यह लड़की अपनी पूर्ण आयु तक कभी विधवा नहीं होगी।

 

 

 

 

हम लोग भी नागयोनि से मुक्त हो जायेगे। यह सब बात सुनकर कंचन को पूरी रात नींद नहीं आयी। सबेरा होते ही उसने सरसो का तेल और अजवाइन गर्म करके रुपेश को पिला दिया। दूसरे दिन पूर्णिमा थी। कंचन ने रुपेश के हाथो हवन करवाकर नारियल फोड़वा दिया।

 

 

 

 

रुपेश के स्वास्थ्य में सुधार होने लगा। दोनों ने मिलकर हवन वाले स्थान को खोद डाला। उन्हें ओने की मोहरो से भरा घड़ा मिल गया। इस प्रकार से दोनों की किस्मत बदल गयी। रुपेश अपनी पत्नी के साथ अपने घर लौट आया। फिर अपने पिता के गिरवी रखे खेत को छुड़ा लिया और कंचन के साथ सुखपूर्वक जीवन यापन करने लगा।

 

 

 

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